एजुकेशन में रेवॉल्यूशन लाने को तैयार ‘जेनियो’

जेनियो एक पर्सनलाइज्ड करिकुल्म का बेहतरीन उदाहरण है. यह बच्चों की शिक्षा संबधी जरूरतों को पूरा करेगा

https://hindi.firstpost.com/politics/ilfs-education-announced-the-commercial-launch-of-their-k12-digital-learning-platform-geneo-106912.html

News - Firstpost - 20180425 - एजुकेशन में रेवॉल्यूशन लाने को तैयार 'जेनियो'
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IL&FS ग्रुप की सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर इकाई IL&FS एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी सर्विसेज लिमिटेड (आईईटीएस) ने जेनियो के कमर्शियल लॉन्चिंग का ऐलान कर दिया. 12वीं तक के बच्चों के लिए खासतौर पर इस प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है. इस प्लेटफॉर्म में एजुकेशन के लिए गूगल के साथ तकनीकी भागीदारी की गई है.

जेनियो का बीटा वर्जन जून 2017 में लॉन्च किया गया था. 9 महीने से भी कम वक्त में इसने 3.5 लाख यूजर्स को टारगेट किया. जेनियो की कामयाबी का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि इसे स्कूल मैनेजमेंट और टीचर्स ने भी काफी सराहा है.

जेनियो को एनसीईआरटी के ज्वाइंट डायरेक्टर प्रोफेसर पी बहेरा (पीएचडी) ने लॉन्च किया. इस मौके पर SSA – MHRD के पूर्व एजुकेशनल क्वालिटी एडवाइजर सुबीर शुक्ला, गूगल फॉर एजुकेशन के कंट्री हेड बानी पी धवन और IETS के एमडी और सीईओ आरसीएम रेड्डी मौजूद थे.

रेड्डी ने कहा, ‘पिछले 20 साल से IETS इनोवेटिव एजुकेशन टेक्नीक डिजाइन करने पर काम कर रही है ताकि छात्रों को बेहतर एजुकेशन मुहैया कराया जा सके. हमारा विश्वास सादगी में है. लिहाजा हमारा फोकस भी अपने प्रोडक्ट्स को इंट्रेक्टिव, पोर्टेबल, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और जरूरत के आधार पर होना चाहिए. जेनियो एक पर्सनलाइज्ड करिकुल्म का बेहतरीन उदाहरण है. यह बच्चों की शिक्षा संबधी जरूरतों को पूरा करेगा.’

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